दस्तक
Radhadesh, Belgium, Oct. 31, 2024, 8:57 a.m.
वो दस्तक देकर खामोश हो गए और हम उनकी आहट को तरसते रहे !
इंतजार हैं हमें खत के जबाब का और वो अँखियाँ मीचे मुस्कुराते रहे !!
~ निराश
