बड़ी हसरत थी किसी से दिल लगाने की,
अब दिल के टुकड़ों को चुन रहा हूँ।
बड़ी चाह थी कभी एक घर बसाने की,
अब दीवारों की ईंटों को गिन रहा हूँ!!
बड़ी हसरत थी किसी से दिल लगाने की,
अब दिल के टुकड़ों को चुन रहा हूँ।
बड़ी चाह थी कभी एक घर बसाने की,
अब दीवारों की ईंटों को गिन रहा हूँ!!