कैसी ये ख़ता
Pune, India, March 2, 2026, 5:22 p.m.वो वफ़ादारों से गुनाह, और गुनहगारों से वफ़ा कर बैठे,
शायद उन्हें इल्म नहीं अपने गुनाहों की — कैसी ये ख़ता कर बैठे!
कि वो ख़ुदा से दगा, और दग़ाबाज़ों को ख़ुदा बना बैठे,
शायद उन्हें फ़िक्र नहीं अपने दीवानों की — कैसी ये जफ़ा कर बैठे!